रायगढ़ जिले के दुर्गम और आदिवासी बहुल विकासखंड लैलूंगा के व्यापक दौरे के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, आधारभूत संरचना और आजीविका से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में मरम्मत और सुरक्षा के निर्देश
झगरपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षिका ने भवन मरम्मत, बाउंड्री फेसिंग और परिसर में जर्जर भवन की समस्या से अवगत कराया। कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत को निर्देशित किया कि हॉस्टल और स्कूल भवन की मरम्मत हेतु शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करें।
साथ ही छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर भवन को प्राथमिकता से ध्वस्त (डिस्मेंटल) करने के निर्देश दिए।
नर्सिंग कॉलेज और डीएवी स्कूल में तेजी लाने के निर्देश
कुंजारा में प्रस्तावित बीएससी नर्सिंग कॉलेज के लिए चिन्हित वैकल्पिक भवन और छात्रावास का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर आदिवासी छात्राओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगी। संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा तय कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
डीएवी स्कूल कुंजारा में जर्जर भवन की स्थिति पर लोक निर्माण विभाग को टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि स्वीकृति मिल चुकी है और प्रस्ताव अधीक्षण कार्यालय बिलासपुर भेजा गया है। कलेक्टर ने चार दिनों के भीतर प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
स्व-सहायता समूहों की सराहना, गुणवत्ता पर जोर
कुंजारा स्थित रेडी-टू-ईट इकाई के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया और उनके कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि समूह प्राथमिक क्षेत्र से द्वितीयक क्षेत्र की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जो आत्मनिर्भरता का सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने गुणवत्ता, नियमित उत्पादन और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
छात्रावास, आईटीआई और कृषि योजनाओं की समीक्षा
100 सीटर कन्या छात्रावास और आईटीआई कॉलेज का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और डीएमएफ मद से संचालित रागी फसल प्रदर्शन का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने उत्पादन वृद्धि और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। प्रगतिशील किसान कलिंदर नायक द्वारा तैयार गेहूं और चना फसल का अवलोकन कर अन्य किसानों को भी आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समय-सीमा और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, एसडीएम भरत कौशिक, सीईओ जनपद पंचायत प्रीति नायडू सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


