शारदा वंदना और बसंत राग से सुवासित हुआ चक्रधर संगीत महाविद्यालय

बसंत पंचमी पर कला संध्या का आयोजन,नन्हे साधकों ने बिखेरा ताल और नृत्य का जादू
रायगढ़। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 23 जनवरी को संगीत महाविद्यालयों में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वादन का मनमोहक स्वर समागम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुरुओं के सानिध्य में युवा कलाकारों ने राग बसंत और अन्य संगीतमय प्रस्तुतियां देकर अपनी स्वर साधना का प्रदर्शन किया,जिससे वातावरण भक्तिमय और सुरमयी हो उठा! संगीत महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शास्त्रीय संगीत,लोक संगीत और आधुनिक संगीत का मधुर समागम किया।इस अवसर पर संगीत के अध्यापकों ने भी अपने शिष्यों का मार्गदर्शन किया।
चक्रधर संगीत महाविद्यालय में बीते शुक्रवार को बसंत पंचमी का पावन समारोह एक दिव्य अनुभूति बनकर अवतरित हुआ—जहां ऋतुराज बसंत की कोमलता,साधना की गंभीरता और श्रद्धा का संकल्प एकाकार हो गया।यह क्षण अनेक साधकों के लिए जीवन की अमूल्य स्मृति बन गया। समारोह की शुरुआत ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती की विशेष वंदना और पूजन से की गई।बसंत ऋतु के आगमन को समर्पित संगीत कार्यक्रमों में मुख्य रूप से ‘राग बसंत’ पर आधारित गायन और वादन पेश किया गया।
यह आयोजन न केवल कला की साधना का एक माध्यम है,बल्कि यह विद्या,विवेक और सृजनात्मक ऊर्जा के संचार का संकल्प भी है। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने शास्त्रीय संगीत की कठिन प्रस्तुतियों द्वारा विद्या की देवी को समर्पित स्वर साधना की।चक्रधर कला एवं संगीत महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध रंग कर्मी सु.श्री कल्याणी मुखर्जी,वरिष्ठ पत्रकार हरेराम तिवारी, संगीतज्ञ मन हरण सिंह ठाकुर,पंडित कृष्ण पाल शुक्ल उपस्थित रहे और कलासाधना को समर्पित विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किये |
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर संगीत महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने विभिन्न रीतियों और तालों में गीत गाए और संगीत के विभिन्न वाद्यों का प्रदर्शन किया।सर्व प्रथम मां शारदे का पूजन महाविद्यालय के तबला गुरु मनीष कुमार द्वारा विधि विधान से किया गया।समारोह का संचालन विलक्षण प्रतिभावान युवा कपल जिले के एडिशनल एसपी साईबर अनिल विश्वकर्मा एवं श्रीमती चंद्रिका विश्वकर्मा द्वारा किया गया ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में सरस्वती वन्दना एवं बसंत गीत की प्रस्तुति महाविद्यालय की प्राचार्य चंद्रा देवांगन के निर्देशन में प्रस्तुत सरस्वती वंदना इस बसंत में,संगीत,ज्ञान और प्रकृति का यह सुंदर संगम हमारे हृदय को आनंदित करता है।
रचना स्वर्गीय ठाकुर वेदमणि सिंह “वेदम” द्वारा रचित महाविद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र अनन्या रेड्डी.विदिशा कुर्रे.,सविता दास,,निधि बिश्वास,गर्वित कश्यप, काव्या बोहिदार,विभोर उपाध्याय,. गीतांजली,अदृति कुमारी वर्मा,वंश झरिया,बरखा प्रधान,आद्या सिंह,खुशी घृतलहरे,अयांस,आरोहन बेहरा, कोयल परमानिक,सीमा गुप्ता, दिव्यांशी सेनापति,रीक महतो,तथा श्रीमती संतोष कौर हंसपाल,श्रीमती चंद्रिका विश्वकर्मा,दुर्गावती सिदार कु. आराध्या सिंह,कु.पलक प्रधान,कु. पूनम चंद्रवंशी.इति गौतम,नक्षिता देहरी,मोक्ष पटेल ने बसंत गीत प्रस्तुत किया।
तंत्र वाद्य गुरु दिनेश राजभर के निर्देशन में राशि साहू -सिंथेसायज़र , युगल गिटार वादन,साक्षी अग्रवाल एवं ईशा पैंकरा,अर्नव सिंह,सिंथेसायज़र , समूह सिंथेसायज़र-समर्थ गुप्ता, दिव्यांशी थवाईत,आरव केशरवानी एवं एरविन आरोन मिंज,अन्वेषा साय गिटार वादन,एल्विन एक्का एवं ऋषिकेश महेश कुर्वे सिंथेसायज़र युगल वादन -युगल गिटार वादन- प्रस्तुत किये ।
तबला गुरु मनीष कुमार के निर्देश में तबला युगल शमी दीक्षित,मोक्ष पटेल व समूह तबला वादन में आशुतोष पटनायक,सुब्रत मालाकार,हर्ष चौहान,साईं श्रीयान दास,रेयांश चौहान,उत्कर्ष दुबे,दाम्बिक खूंटे,यश देवांगन,मिहिर देवांगन ने तबला वादन का प्रदर्शन किया।इसी कड़ी में समूह तबला वादन में उमेश निर्मलकर, दीपक नामदेव,विनीत साहू,अंशु गुप्ता,सार्थक बोहिदार,दिव्यांश सिंह ने अपनी थाप कला दिखाई।आराध्य मिश्रा के एकल तबला वादन ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।गुरु काजल कौशिक के निर्देशन में नृत्य जय जय श्री गणराज (कथक द्वितीय वर्ष ‘ब’) का मंचन किया गया।
जिसमें इशिका सरकार,छबि ठाकुर,जान्हवी प्रसाद, पलक मिश्रा,योगिता पटेल,योगिता भगत,सृष्टि पतंगीवार,काम्या विश्वकर्मा,अरात्रिका साहू और प्राची सारथी ने मोहक प्रस्तुति दी।इसी तरह वीणा वादिनी वरदे (कथक प्रथम वर्ष ‘ब’) में आद्या चौधरी,छकुली महेश कुर्वे,तान्या शेष,विधि शेष,माधवी यादव,मान्यता जगवानी,संजना सिंह , सायंतिका मुखर्जी,मानसी देवांगन, समीक्षा गुप्ता,जिया कुमारी,जिज्ञासा कुमारी ने नृत्य कला का प्रदर्शन किया।श्रीकृष्ण निरतत थुंग थुंगा गीत पर अक्षा बेहराजान्हवी राठिया, निष्ठा आदित्य,वंशिका झरिया,सगुन देवांगन ने कलात्मक प्रस्तुति दी।
कथक प्रथम वर्ष ‘अ’ के विद्यार्थियों ने शुभ दिन आयो,गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया!महाविद्यालय की अनिका गुप्ता,अलीशा सिदार,आरवी पटेल , आराध्या पटेल,गार्गी तिवारी,दिया श्रीवास,नीयती सेठ,रितिका भौमिक, दिशा बेज लकरा,आल्या नायक, एंजल सेहत,पूजा उपाध्याय ने सामूहिक प्रस्तुति दी।बसंत पंचमी पर अमर शहीद सुभाष चंद्र बोस की जयंती के संयोग ने समारोह का उत्साह दोहरा कर दिया। इस अवसर पर वेस्टर्न डांस के साथ देश भक्ति गीत की प्रस्तुति की गई।
अर्नव राठौर , आरोही,मोक्षिता,रिया,शिवांश सिंह, मोहित अम्बुवानी ने ग्रुप डांस प्रस्तुत किया।शास्त्रीय संगीत की अगली कड़ी में कथक द्वितीय वर्ष ‘’अ’ की छात्राओं अपर्णा गुप्ता,अयाना ध्रुव, अवनी कोका,आराध्या चौधरी,ऋतु तिवारी,नमामि तिवारी,कृतिका साव, परी साहू ,रिद्धि साहू ने अलबेला सजन आयो रे गीत पर नृत्य किया।
हो शुभारम्भ (प्रवेशिका ‘अ’) गीत पर दिशा घोष ,राग्वी भगत ध्वनि कोल्हेकर,इप्शिता श्री,शान्वी रानी , शान्वी राज,आराध्या सिन्हा , जिज्ञाशा एन.सारथी,शताक्षी एन. सारथी,मान्या कौशिक,आरवी चंद्रवंशी,अमायरा कुमारी,शशि बंजारे , वंशिका जांगड़े,निधि महंत ने अपनी कला साधना की प्रस्तुति दी।
संगीत महाविद्यालय के बसंतोत्सव में आद्या,आयुषी गुप्ता,कोमल राना , रोशनी राणा,सुषमा चौहान ने हरी स्त्रोतम का कलात्मक मंचन किया। पिया बावरी (कथक तृतीय वर्ष ) , अद्विका देवांगन,अन्कृति मिरी,एंजल भारद्वाज,कायवा पटेल,तमन्ना बिश्वास, शाम्भवी सिंह राणा,शुभ्रा पांडे ने कला का जादू बिखेरा।
नृत्य गुरु काजल कौशिक ने
महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी द्वारा रचित “मधुराष्टकम्” का मनमोहक मंचन किया।भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक मधुरता का अनुपम स्तवन है। इन्हीं दिव्य भावों को कथक नृत्य की कोमल मुद्राओं,नुपुर की झंकार और लयबद्ध पदचाप के माध्यम से मंच पर सजीव किया |
उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत महाविद्यालय के डॉयरेक्टर डीएल देवांगन,यामिनी देवांगन,शैलेन्द्र देवांगन,नैंशी मिश्रा,प्रकाश देवांगन,संतोषी निषाद,उषा विश्वकर्मा,भगवती देवांगन,राजेंद्र दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही| कार्यक्रम में शताधिक की संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति रही।





