कुमेली स्थित वन विभाग के शासकीय विश्रामगृह से जुड़े अश्लील वीडियो प्रकरण ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। वीडियो के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी और एक वनपाल के खिलाफ कदम उठाए गए हैं।
हालांकि जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह कार्रवाई अधूरी और एकतरफा है। उनका आरोप है कि पूरे मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच होगी, या फिर कार्रवाई केवल निचले कर्मचारियों तक सीमित रह जाएगी।

