
छत्तीसगढ़ी, बॉलीवुड और भोजपुरी कलाकारों की होगी रंगारंग प्रस्तुति
ट्राइबल फैशन वॉक से उभरेगी आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक
बलरामपुर, 12 जनवरी 2026।
देशभर में अपने गर्म जलस्रोत और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध तातापानी में मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर 14 से 16 जनवरी 2026 तक भव्य तातापानी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ 14 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिले में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया जाएगा।

तातापानी महोत्सव हर वर्ष आस्था, परंपरा और लोकसंस्कृति का जीवंत संगम बनता है। छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। आयोजन को देखते हुए जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

तीन दिन, विविध आयोजन और रोमांचक गतिविधियां
तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान मेला स्थल आरागाही हवाई पट्टी में पैरासेलिंग जैसी साहसिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सांस्कृतिक संध्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ आमंत्रित ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

पहला दिन: छत्तीसगढ़ी रंग में रंगेगा तातापानी
महोत्सव के पहले दिन 14 जनवरी को छत्तीसगढ़ के प्रख्यात गायक एवं पद्मश्री सम्मानित अनुज शर्मा अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही स्कूली छात्र-छात्राएं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे।
दूसरा दिन: किसान संगोष्ठी और बॉलीवुड नाइट
15 जनवरी को दोपहर 12 बजे से जिले के समस्त पंच एवं सरपंचों के लिए किसान संगोष्ठी एवं पंच-सरपंच सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। वहीं संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक आदित्य नारायण अपनी प्रस्तुति देंगे। इसी दिन छात्र-छात्राओं द्वारा ट्राइबल फैशन वॉक के माध्यम से स्थानीय कला और आदिवासी संस्कृति को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
तीसरा दिन: भोजपुरी सितारों से सजेगी सांस्कृतिक संध्या
16 जनवरी 2026 को संस्कृति संध्या में भोजपुरी जगत के लोकप्रिय कलाकार रितेश पाण्डेय, खुशी ककड़ और डिम्पल सिंह अपनी धमाकेदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
तातापानी महोत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन, स्थानीय कलाकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है। तीन दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव एक बार फिर तातापानी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के रूप में राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने जा रहा है।




