रेलवे की पुरानी विरासत से रुबरु हुए रेलवे इंग्लिश मिडियम स्कूल के छात्र

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विश्व विरासत सप्ताह के अंतर्गत सिनियर डीएमई के मार्ग दर्शन पर किया रेलवे हेरिटेज पार्क का दौरा

पुराने स्टीम लोकोमोटिव और डीजल लोकोमोटिव कार की स्मृतियों की ली जानकारी

चक्रधरपुर । चक्रधरपुर रेल मंडल में मनाए जा रहे विश्व विरासत सप्ताह के अंतर्गत मंगलवार को चक्रधरपुर  रेल मंडल के सिनियर डीएमई राजीव रंजन रसिक के मार्गदर्शन पर रेलवे इंग्लिश मिडियम स्कूल के छात्र छात्रओं ने रेल मंडल के पास सारंडा रेस्ट हाउस के सामने स्थित रेलवे हेरिटेज पार्क का दौरा किया। इस अवसर पर रेलवे इग्लिश मिडियम कैंपस-1 के 30 एवं कैंपस-2 के 30 बच्चे रेलवे के प्राचीन विरासतों से रुबरु हुए।

छात्र छात्रओं के साथ स्कूल के शिक्षक अखिलेश कुमार, अरबिंद कुमार, अखल निरंजन कुमार, शशि , कांता बागे, शुभंकर राय और कुंदन कुमार उपाध्याय भी शामिल हुए। एडीएमई आर एन मेहता ने स्कूली छात्रों को रेलवे के पुरानी विरासत से रुबरु कराया। उन्होंने रेलवे के पुराने स्टीम ईंजन के बारे में छात्रों को संपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बच्चों को भारत में रेलवे की शुरुआत 1853 में हुई और पहली ट्रेन महाष्ट्र में चलाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने चक्रधरपुर रेल मंडल के हेरिटेज पार्क में खड़ी पुरानी बारक्ले लोकोमोटिव (स्टीम इंजन) के बारे में विस्तृत जानकारी मुहैया कराई। इंगलैंड के बरम्हींगम में 1910 में निर्मित लोको क्रमांक-11 को पार्क में खड़ी करने का उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ी भी रेलवे की विरासत से रुबरु हो सके।

डीजल लोकोंमोटिक कार से भी हुए रुबरु
चक्रधरपुर हेरिटेज पार्क में रेलवे की विरासत के तौर पर खड़ी थोमस स्मिथ एंड संस(रोडले) लिमिटेड, रोडले, लीडस, इंग्लैंड के लाईसेंस पर ब्रैथवेट एंड कं.(इंडिया) लिमिटेड कोलकाता से निर्मित डीजल लोकोमोटिव कार से भी परिचय कराया। बच्चों ने पार्क स्थित इन दो विरासतों के देख कर काफी प्रसन्नचित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रुप से मैकेनिकल विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल होकर छात्रों को रेलवे की पुरानी विरासत से रुबरु कराया। श्री मेहता ने सीनी डीजल लोकोमोटिव इंस्टीच्यूट के कार्यशैली और उसके महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की।

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