सरकारी जमीन को बताकर बेची प्लॉट,निगम ने 19 अवैध निर्माण ढहाया

Advertisement
Advertisement

कोरबा।जिले के मानिकपुर चौकी क्षेत्रान्तर्गत डिपरापारा में बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। दलालों ने सरकारी जमीन को रजिस्ट्री वाली भूमि बताकर करीब 3 एकड़ जमीन कई लोगों को बेच दी। शिकायत के बाद प्रशासन ने शुक्रवार को 19 अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की है।

आरोप है कि सीताराम चौहान और राजू सिमोन नामक दलालों ने करीब 1 एकड़ सरकारी भूमि को छोटे-छोटे प्लॉट्स में बांटकर, महज 50 रुपए के स्टांप पेपर पर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपए में बेच दिया। स्थानीय लोगों ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत कलेक्टर से की, जिसके बाद SDM को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

गुरुवार को नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। नायब तहसीलदार, पटवारी, जोन प्रभारी और पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम के तोड़ू दस्ते ने 19 अवैध निर्माण ढहा दिए। तोड़ू दस्ते के प्रभारी विमल सिंह गोयल ने बताया कि सभी निर्माण बिना वैध स्वीकृति के किए गए थे।

पीड़ित लोगों का कहना है कि उन्हें जमीन रजिस्ट्री वाली बताकर बेच दी गई, और यह भरोसा दिलाया गया कि “मकान कभी नहीं टूटेगा”। अब जब निर्माण हटाए जा चुके हैं, तो दलाल न फोन उठा रहे हैं और न ही घर पर मिल रहे हैं। पीड़ितों ने अपनी जीवनभर की कमाई गंवा देने का दुख जताया है और कानूनी कार्रवाई या धन वापसी की मांग की है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जमीन की खरीदारी से पहले उसका खसरा, बी-1 और भू-स्वामी की वैधता की जांच अनिवार्य रूप से करें।

साथ ही, रजिस्ट्री के पहले राजस्व विभाग या नगर निगम से  एनओसी और अनुमति पत्र अवश्य प्राप्त करें। यह मामला राज्यभर में चल रहे भू-माफिया नेटवर्क की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आम नागरिक ठगी का शिकार हो रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर क्या सख्त कार्रवाई करता है, और पीड़ितों को किस हद तक न्याय मिलता है।

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *