गुमशुदा महिला और उसके मासूम बच्चे को कोतवाली पुलिस ने मिलाया, संवेदनशील कार्यवाही से टली अनहोनी

By

रायगढ़ –  5 अगस्त को कोतवाली पुलिस पेट्रोलिंग टीम को गोपी टाकिज के पास करीब तीन वर्षीय बच्ची के भटकते की सूचना मिला, जिसकी जानकारी एक जागरूक नागरिक ने दी थी। सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग स्टाफ मौके पर पहुंची और बच्चे के परिजनों की जानकारी नहीं मिलने पर बच्चे को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया। अगले ही दिन उसी क्षेत्र में एक महिला के भटकने की सूचना कोतवाली पुलिस को मिली, जिसे पेट्रोलिंग टीम थाने लेकर पहुंची।

महिला की मानसिक स्थिति असामान्य प्रतीत होने पर जब उससे पूछताछ की गई तो वह अपने निवास स्थान की स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। थाना स्टाफ द्वारा गहराई से जांच करने पर यह पता चला कि यह महिला ही उसी बच्ची की मां है जिसे पिछले दिन चाइल्ड लाइन को सौंपा गया था। महिला की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे तत्काल सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल ने अपने स्तर पर महिला के परिजनों की जानकारी जुटाई, जिसमें महिला के जिला सक्ती निवासी होने और भूपदेवपुर क्षेत्र में उसके स्थानीय परिजन होने की पुष्टि हुई।

तत्पश्चात संपर्क कर परिजनों को कोतवाली बुलाया गया, जिन्होंने महिला की मानसिक स्थिति कमजोर होने की पुष्टि की और पुलिस की कार्यवाही की सराहना करते हुए महिला को अपने साथ ले गए। यदि समय रहते पुलिस ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई होती तो यह मामला किसी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकता था। कोतवाली पुलिस की सतर्कता और मानवीय हस्तक्षेप से मां-बेटी का पुनर्मिलन संभव हुआ। इस संवेदनशील मामले में कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल तथा पेट्रोलिंग आरक्षक जगन्नाथ साहू, गणेश पैंकरा और महिला आरक्षक कस्तुरी पैंकरा की अहम भूमिका रही है ।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *