पीएम सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

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सौर ऊर्जा से बिजली बिल घटा, मिली बड़ी राहत, केंद्र और राज्य सरकार से मिल रही डबल सब्सिडी से सोलर सिस्टम की लागत भी हुई काफी कम

सब्सिडी से उपभोक्ता को मिल रही 75 प्रतिशत तक की छूट

1 किलोवॉट पर 15 हजार और 2 किलोवॉट पर 30 हजार की आ रही लागत, जो कि वास्तविक लागत का सिर्फ  25 प्रतिशत

केंद्र सरकार 78 हजार और राज्य सरकार 30 हजार तक की दे रही सब्सिडी

रायगढ़ । सौर ऊर्जा से किफायती बिजली पैदा कर घरों को रोशन करने और बिजली बिल में बड़ी राहत के उद्देश्य से पीएम सूर्यघर योजना में मिल रही भारी सब्सिडी से अब सोलर सिस्टम की लागत काफी कम हो गई है। पीएम सूर्यघर योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के साथ अब राज्य सरकार ने भी सब्सिडी दिए जाने का ऐलान कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है, वहीं राज्य सरकार ने 30 हजार तक सब्सिडी प्रदान करने की घोषणा की है। इससे उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ होगा। एक ओर जहां बिजली बिल में राहत मिल रही है वहीं सब्सिडी से सोलर सिस्टम लगाने की लागत भी काफी कम आ रही है।

रायगढ़ के छोटे अतरमुड़ा के रहने वाले श्री जी.बी.त्रिपाठी ने अपने घर की छत पर पीएम सूर्यघर योजना से सोलर सिस्टम लगवाया है। उन्होंने बताया कि पहले उनका औसतन बिल 1800 से 2500 रुपए तक आता था। हर महीने इतना बिल परेशानी का कारण था। लेकिन जब से सोलर सिस्टम लगवाया है बिल काफी घट गया है। एक महीने तो माइनस 3500 रुपए बिल आया। मतलब सोलर प्लेट से पैदा की बिजली से घर का काम भी चल गया और बची बिजली विद्युत विभाग के ग्रिड में ट्रांसफर करने से बिल में भी छूट मिली। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छी योजना है। यह न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से राहत देती है बल्कि एक स्वच्छ और स्थायी ऊर्जा का एक विकल्प है। यह पर्यावरण के लिहाज से भी अत्यंत प्रभावी पहल है। उन्होंने अन्य लोगों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

केंद्र व राज्य शासन की सब्सिडी से काफी घटी लागत
प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना में केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा भी हितग्राहियों को 30 हजार तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जिससे सोलर सिस्टम लगाने की लागत काफी कम हो गई है।

इसमें 1 किलो व्हाट लगाने की लागत करीब 60 हजार रूपये आती है, इस पर केंद्र से 30 हजार और राज्य से 15 हजार सहित कुल 45 हजार रूपये सब्सिडी मिलते हैं, उपभोक्ता पर सिर्फ 15 हजार रुपए का भार आता है। इसी प्रकार 2 किलो वाट पर 1 लाख 20 हजार रुपए की लागत पर केंद्र से 60 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 90 हजार सब्सिडी उपभोक्ता को प्राप्त होती है।

उपभोक्ता को जेब से सिर्फ 30 हजार रुपए देने पड़ेंगे, जो कि वास्तविक लागत का सिर्फ 25 प्रतिशत है। वहीं 3 किलो व्हाट पर 1 लाख 80 हजार लागत के विरुद्ध केंद्र से 78 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी दी जा रही है, इसमें सिर्फ  72 हजार उपभोक्ता को देने होंगे। 3 किलो व्हाट या उससे अधिक क्षमता पर 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी स्थिर रहेगी।

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