मातृभाषा के बिना समाज की एकता संभव नहीं: प्रो. नजरुल इस्लाम

Advertisement

निखिल भारतीय बंग साहित्य सम्मेलन, चक्रधरपुर में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर काव्य संध्या

चक्रधरपुर। निखिल भारतीय बंग साहित्य सम्मेलन, चक्रधरपुर शाखा द्वारा शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चक्रधरपुर मुख्य मार्ग स्थित मां अमिया देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जेएलएन कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. नजरुल इस्लाम ने कहा कि समाज की एकता और समृद्धि के लिए मातृभाषा की मजबूती आवश्यक है। उन्होंने कहा, “आज का समाज ज्ञान प्राप्ति के बजाय धन प्राप्ति की ओर भाग रहा है, जबकि ज्ञान ही व्यक्ति का स्थायी संपत्ति है।”

मातृभाषा के लिए बलिदान को किया याद

प्रो. इस्लाम ने 21 फरवरी 1952 को पाकिस्तान में मातृभाषा की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे सात छात्रों पर हुई गोलीबारी की विभीषिका को याद करते हुए कहा कि यह बलिदान हमें मातृभाषा के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज मनुष्य सरस्वती (ज्ञान) की आराधना छोड़कर लक्ष्मी (धन) के पीछे भाग रहा है, जबकि ज्ञान ही स्थायी होता है।

उन्होंने बंग कवि नजरुल इस्लाम की कविता का पाठ कर मातृभाषा के संरक्षण के लिए जाति-धर्म से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील की।

कवियों और कवियित्रियों ने दी श्रद्धांजलि

समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और संगीता राय, डॉली विश्वास एवं लीना देव के बंगाली गीत “आमरी बंगला भाषा…” की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद मां अमिया देवी स्कूल की संचालिका और कवियित्री माधुरी प्रमाणिक ने भाषा शहीदों की स्मृति में कविता पाठ किया।

बंग साहित्य सम्मेलन के सचिव डॉ. श्रीकांत मजूमदार के मंच संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में बाल कवि दैयान यासिन और बालिका कवियित्री अद्वितीया शाह ने अपनी प्रस्तुति दी। अद्वितीया शाह द्वारा “आमरा बंगला भाषा” गीत पर प्रस्तुत नृत्य को दर्शकों ने खूब सराहा।

इस अवसर पर संगीत शिक्षक तपन दास ने अतुल प्रसाद सेन और नजरुल इस्लाम के गीत प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस आयोजन में बंग समाज के प्रवीर प्रमाणिक, देवप्रिय चौधरी, अचिंत मंडल, प्रवीर बनर्जी, प्रशांति शाह, रविंद्रनाथ घोष, समीर मुखर्जी, बनोश्री मजूमदार, लीना देव अधिकारी और कृष्णा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

 

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *