
बैंक के अकाउंटेंट और क्लर्क ने अपनी सैलरी लंबे समय तक खर्च करने के लिए नहीं निकाला, तो मैनेजर को शक हुआ,
विजिलेंस सेल की जांच में पूरे घोटाले का खुलासा हुआ,
इस मामले में मौदहापारा पुलिस ने क्लर्क चंद्रशेखर डग्गर और रिटायर्ड अकाउंटेंट अरुण कुमार बैसवाडे को गिरफ्तार कर लिया है,
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मौदहापारा के ब्रांच मैनेजर शरद चंद्र गांगने ने FIR दर्ज कराई थी,
इस मामले में आगे की जांच करने पर 2017 से 2022 के बीच बैंक में FD खातों और अन्य खातों में ब्याज की हेराफेरी दिखी। जो करीब 52 लाख की थी।