सट्टा एप मामला: कोलकाता से ब्रोकर को ईडी ने गिरफ्तार किया

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महादेव सट्टा एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने शेयर ब्रोकर गौरव कुमार केडिया को कोलकाता से गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी गौरव को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर ईडी को सौंप दिया। इसके साथ ईडी ने महादेव एप को लेकर लगातार कार्रवाई कर रही है। एप की चार्जशीट में पैनल ऑपरेटर का काम करने वाले जितने लोगों के नाम थे,उन सभी की कुंडली खंगाली गई। एक-एक की संपत्ति की जांच की गई। पुख्ता प्रमाण हासिल किए गए कि पिछले एक साल में उन्होंने खुद के नाम से या फिर अपने घरवालों के नाम से कहां-कहां संपत्ति खरीदी है।

ईडी की दावा है यह संपत्ति सट्टे की काली कमाई से खरीदी गई है। इसलिए इसे अटैच किया गया है। ईडी ने अपने अधिकृत ट्विटर हैंडल में दावा किया है कि महादेव एप के मामले में अब तक लगभग 2295.61 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई है।

आरोपी केडिया ने सट्टा एप से जुड़े लोगों के लिए

कोलकाता में रहने वाले शेयर ब्रोकर गौरव महादेव सट्टा एप के प्रमोटरों के लिए काम करता था। वो एक ही बार में करोड़ों के शेयर खरीदता था। इस मामले में जेल में बंद प्रमुख आरोपी नितिन टिबरेवाल के लिए उसने सबसे ज्यादा खरीदी की। नितिन एप प्रमुख सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नजदीकियों में एक है।

नितिन उनके पैसों को ऑनलाइन ठिकाने लगाता था। गौरव इन सभी के लिए शेयर-खरीदता बेचता था। सट्टे से जो फायदा होता,उसे शेयर बाजार में लगाकर व्हाइट किया जाता। इसके बदले उसे मोटा हिस्सा भी मिलता था। गौरव ने सट्टा एप मामले में ही आरोपी हरिशंकर टिबरेवाल से संबंधित मॉरीशस स्थित कंपनी मेसर्स टानो इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज में एफपीआई और एफडीआई में सबसे ज्यादा निवेश किया। बताया जा रहा है कि हरिशंकर अभी फरार है।

छत्तीसगढ़, मप्र समेत 3 राज्यों में खरीदी संपत्ति ईडी के अनुसार सट्टा एप मामले की काली कमाई से छत्तीसगढ़, मुंबई और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा संपत्ति की खरीदी की गई है। सौरभ और रवि छत्तीसगढ़ के हैं। इस वजह से उन्होंने अपने दोस्तों के नाम पर निवेश किया। मुंबई में ऐसी जगहों पर संपत्ति खरीदी, जो सबसे ज्यादा महंगी थी। ताकि एक ही जगह पर बड़ा निवेश किया जा सके। मुंबई में कई फ्लैट में निवेश किया है।

आरोपी अमित और नितिन की रिमांड बढ़ी इधर, रायपुर की विशेष अदालत ने महादेव सट्टा एप और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद आरोपी नितिन टिबरेवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। ईडी ने आरोप लगाया है कि अमित और नितिन ने जांच में सहयोग भी नहीं किया है। ज्यादातर बातें उन्होंने छिपाकर ही रखी।

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