प्रार्थी रामसागर सिंह, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चर्चा के बालशिक्षा समिति के कोषाध्यक्ष, ने दिनांक 9 दिसंबर 2024 को थाना में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत प्रधान, जो पूर्व में विद्यालय में लिपिक, अकाउंटेंट और कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था, ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2022-23 के दौरान छात्रों से वसूले गए शुल्क में से ₹28,08,490 की राशि का गबन किया।शिकायत के अनुसार, अभिजीत प्रधान ने शुल्क वसूली के दौरान छल-कपट और धोखाधड़ी करते हुए रसीद बुक का दुरुपयोग किया और विद्यालय प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं दी। उसने इस राशि का गबन अन्य सहयोगियों की सहायता से किया है।
उक्त प्रकरण की जानकारी थाना प्रभारी चरचा द्वारा पुलिस अधीक्षक कोरिया श्री सूरज सिंह परिहार को दी गई। एसपी कोरिया ने तत्काल अपराध क़ायम कर वैधानिक कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया था। इसके पश्चात प्रकरण में थाना चरचा द्वारा अपराध क्रमांक 282/24 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 408, 420, 467, 468, और 120बी के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया।
विवेचना के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने छात्रों से धोखाधड़ी पूर्वक राशि की वसूली की है एवं उन राशियों को अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग किया है।थाना चरचा की टीम ने आरोपी अभिजीत प्रधान को उसके गृह निवास रूपनगर से प्रथम दृष्टि में अपराधी पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया है । आरोपी के कब्जे से गबन की गई राशि से खरीदी गई एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जप्त कर लिए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
28 लाख से ज्यादा के वित्तीय गबन के आरोप में सरस्वती शिशु मन्दिर चरचा के पूर्व अकाउंटेंट को कोरिया पुलिस ने किया गिरफ्तार
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