11 लाख पैरामिलिट्री चौकीदारों का पैंशन भविष्य अधर में लटका

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माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 11 जनवरी 2023 को सुनाए गए पैरामिलिट्री पुरानी पैंशन बहाली फैसले पर सर्वोच्च अदालत द्वारा सोमवार को रोक की पुष्टि जबकि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अपने अहम जजमेंट में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को भारत संघ के सशस्त्र बल मानते हुए पुरानी पैंशन का हकदार बताया था।

अलॉइंस आफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रैस विज्ञप्ति में सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जिंहोने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ माननीय सुप्रीम कोर्ट विशेष अनुमति याचिका दायर की। लगता है कि पैंशन मामले को लम्बा लटकाया जा रहा है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के11 लाख जवानों व उनके परिवारों को बिना पुरानी पैंशन भविष्य अंधकारमय जैसा हो गया है। क्या बीएसएफ सीआरपीएफ आईटीबीपी जवान सिविलियन हैं जबकि नियम पुरी तरह फौज के लागू हैं।

पूर्व एडीजी श्री एचआर सिंह ने कहा कि आने वाले सितम्बर माह दिल्ली में ऑल इंडिया एक्स पैरामिलिट्री सेमिनार आयोजित किया जाएगा जिसमें आगे की नई रणनीति के तहत आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। महाराष्ट्र, हरियाणा व झारखंड राज्य जहाँ पर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उपरोक्त तीनों राज्य जहाँ लाखों की संख्या में अर्धसैनिक बलों के परिवार निवास करते हैं, वोट किस पार्टी को दिया दिया जाए उस पर भी सर्वसम्मति से फैसला किया जाएगा।

महासचिव
रणबीर सिंह

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