10 से 25 फरवरी तक चलेगा फाइलेरिया दवा सेवन अभियान

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बूथ, गृहभेंट एवं मॉप-अप राउंड के माध्यम से कराया जाएगा दवा सेवन

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित

रायगढ़ । कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सभाकक्ष में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (टीओटी) सह मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार विकासखंड घरघोड़ा एवं लोइंग, रायगढ़ अर्बन में फाइलेरिया दवा सेवन कार्यक्रम 10 से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।

10 से 12 फरवरी तक सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों, कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में बूथ लगाकर हाथीपांव की दवा खिलाई जाएगी। इसी तरह 13 से 22 फरवरी तक स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर जाकर दवा सेवन कराया जाएगा। शेष छूटे हुए व्यक्तियों को 23 से 25 फरवरी तक मॉप-अप राउंड के माध्यम से दवा का सेवन कराया जाएगा।

मच्छर जनित गंभीर रोग है फाइलेरिया
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. टी.जी. कुलवेदी ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जो लसीका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके लक्षण कई वर्षों बाद दिखाई देते हैं और हाथीपांव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है। फाइलेरिया की कोई वैक्सीन अथवा स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, किंतु वर्ष में एक बार दी जाने वाली दवा से इस बीमारी से बचाव संभव है।

दवा सुरक्षित, किन्तु खाली पेट सेवन नहीं
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया की दवा से कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है, केवल दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी दवा तथा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों, 90 सेमी से कम ऊंचाई वाले व्यक्तियों, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को दवा सेवन से वंचित रखा गया है।

जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा ने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यक्रम की बारीकियों से अवगत कराते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए तथा आमजन को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में ब्लॉक एवं शहरी मलेरिया प्रभारी, मलेरिया सहायक, वीबीडी टेक्निकल सुपरवाइजर, सेक्टर सुपरवाइजर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, मितानिन कार्यक्रम के विकासखंड समन्वयक सहित डॉ. सोनाली मेश्राम, प्रीति शर्मा, गौतम प्रसाद सिदार, निर्मल प्रसाद, अंजुलता पटनायक तथा पीसीआई से डीसी अशोक कुमार उपस्थित रहे।

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