सीटू ने राज्य भाजपा सरकार द्वारा मज़दूरों के कार्य दिवस को 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने के फ़ैसले का विरोध किया और इसे वापस लेने की माँग की

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राउरकेला, 06/10/2025 राज्य भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल ने 30 सितंबर को सर्वसम्मति से राज्य में कारखाना अधिनियम-1948 की धारा 51 और धारा 54 में संशोधन कर मज़दूरों का दैनिक कार्य समय 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया है, जिसे अगर वास्तव में लागू किया जाए तो मज़दूरों का कार्य समय 12 घंटे होगा और प्रति सप्ताह 48 घंटे के बजाय 60 घंटे हो जाएँगे। महिला मज़दूरों को रात में काम करने की अनुमति देने के लिए कारखाना अधिनियम की धारा 66/1(बी) में भी बदलाव किया गया है। राज्य की मोहन माझी सरकार ने ऐसे मज़दूर विरोधी फ़ैसले सिर्फ़ कॉर्पोरेट और मालिकों के हितों की रक्षा के लिए लिए हैं।

सीटू राज्य कमेटी ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ उदितनगर स्थित संयुक्त श्रम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। सुंदरगढ़ जिला कमेटी ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सरकार से ऐसे मजदूर विरोधी फैसलों से तुरंत बाज आने का आग्रह किया है, अन्यथा संगठन ने आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर मजदूर आंदोलन का आह्वान किया है। आज के विरोध प्रदर्शन में सीटू जिला महासचिव और राज्य उपाध्यक्ष बीबी मैती ने विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता की, जबकि अन्य राज्य उपाध्यक्ष जहांगीर अली, श्रीमंत बेहरा, बीपी महापात्र, राज किशोर प्रधान, ययाति केशरी साहू, अजय शर्मा, लक्ष्मीधर नायक, अजीत एक्का, विश्वजीत माझी, चंद्रभानु दास, पर्वत मोहंती, अटल स्वांई, बिनय बेहुरिया, दिबाकर महाराणा, संबित स्वांई, सरोज बारला मुख्य वक्ता थे,

जिन्होंने कहा कि सरकार के फैसले से सैकड़ों मजदूरों की छंटनी होगी राज्य की भाजपा सरकार ने बड़े नियोक्ताओं और कॉरपोरेट्स के हितों की रक्षा के लिए ऐसा निर्णय लिया है। केंद्र की भाजपा सरकार ने जहां सभी श्रम कानूनों को निरस्त कर चार श्रम संहिताएं लागू की हैं, वहीं राज्य की डबल इंजन सरकार ने इसे लागू करने का यह श्रमिक विरोधी निर्णय लिया है, जिसके कारण भाजपा श्रमिक वर्ग को गुलाम बनाने के लिए सभी कदम उठा रही है। सरकार द्वारा इसे तत्काल वापस लेने के लिए राउरकेला संयुक्त श्रम कार्यालय श्री प्रभान जेना के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी को एक ज्ञापन सौंपा गया है। अगर सरकार इसे वापस नहीं लेती है, तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर श्रमिक आंदोलन का आह्वान किया गया है।

इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन विजय स्वैन, उपेंद्र त्रिपाठी, एन.के. राउत्रय, अरुण महाराणा, शुभेंदु मोहंती, सी. दिवाकर राव, बसंत पाढ़ी, जयंती मोहिनी, कंचनी देहुरी सहित अन्य लोगों ने किया और सैकड़ों श्रमिकों ने इसमें भाग लिया।

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