संयुक्त टीम द्वारा लगातार अवैध धान के परिवहन एवं भण्डारण पर की जा रही है कार्यवाही

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17 प्रकरणों में संयुक्त टीम ने किया 1086 क्विंटल अवैध धान जब्त

बलरामपुर, 26 नवम्बर 2024/ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत किसानों से  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चालू है। किसानों को समितियों में धान बेचने के लिए किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसके लिए प्रशासन के द्वारा जिले के सभी 49 धान खरीदी केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था की गई है। अब किसान भी अपना धान बेचने के लिए मंडी में पहुंचने लगे हैं। खरीदी शुरू होने पर धान की बिचौलिए सक्रिय हो जाते है और अपना अवैध धान किसी भी तरह से खरीदी केन्द्रों में खपाने की कोशिश करते है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के द्वारा धान के अवैध परिवहन एवं भण्डारण रोकने के लिए भी पूर्ण व्यवस्था की गई है।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में राजस्व एवं खाद्य व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा सतर्कता के साथ अवैध धान के भण्डारण एवं परिवहन पर पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही लगातार अवैध धान पकड़कर मंडी अधिनियम के तहत कार्यवाही भी की जा रही है।
संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न तहसीलों के अन्तर्गत नवम्बर माह मे अब तक 17 प्रकरणों में 2715 बोरी कुल 1086 क्विंटल अवैध धान वाहन सहित जब्त किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड वाड्रफनगर के ग्राम बलंगी में 03 पिकअप वाहनों में 174 बोरी धान जब्त किया गया।

इसी प्रकार झापर पटेवा में पिकअप में 56 बोरी, बैकुण्ठपुर में पिकअप में 81 बोरी, धनवार बेरियर ट्रक में 730 बोरी, ग्राम रमेशपुर में 03 पिकअप में 168 बोरी तथा धनवार चेक पोस्ट में पिकअप में 20 बोरी वाहन सहित धान जब्त किया गया। इसी प्रकार विकासखण्ड बलरामपुर में ग्राम कपिलदेवपुर में पिकअप में 74 बोरी, ग्राम कपिलदेवपुर में ही ट्रक में 590 बोरी, विकासखण्ड रामचन्द्रपुर में कन्हर नदी बेरियर में ऑटो में 21 बोरी, अनिरूद्धपुर में पिकअप मे 60 बोरी तथा शिलाजु पचावल मोड में पिकअप वाहन में 60 बोरी अवैध धान वाहन सहित जब्त किया गया।

ज्ञातव्य है कि जिले में अवैध धान की आवक को रोकने के लिए टीम गठित कर कोचियों एवं बिचौलियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जा रही है। साथ ही नागरिकों से अपील की है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि तथा अनियमितता होने पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसमें शिकायतकर्ता की जानकारी पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी।

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