राउरकेला में म्यूल बैंक अकाउंट रैकेट का भंडाफोड़, बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत का शक; 7 गिरफ्तार

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राउरकेला। राउरकेला से संचालित एक संगठित आपराधिक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है, जो देश-विदेश में साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देने के लिए म्यूल बैंक खातों का जाल चला रहा था। इस रैकेट में कुछ बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का भी संदेह जताया गया है।

जांच में सामने आया है कि गिरोह अनजान लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और उनके साथ एक्टिवेटेड सिम कार्ड व पहचान पत्र उपलब्ध कराता था। इसके लिए जाली दस्तावेजों और पहचान की चोरी का सहारा लिया जाता था। कई खाते बैंक के कुछ कर्मचारियों की मौन सहमति या लापरवाही से खोले गए, जहां मानक KYC नियमों को दरकिनार किया गया।

इन खातों का उपयोग—

  1. पूरे भारत में साइबर अपराधियों को बेचने या किराए पर देने,
  2. साइबर ठगी की रकम को पास-थ्रू अकाउंट के जरिए प्राप्त करने,
  3. लेयरिंग के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग कर धन को भारत व विदेशों में ट्रांसफर करने—
    के लिए किया गया।

पुलिस के अनुसार, ये खाते राउरकेला व आसपास के इलाकों में खोले जाते थे और बाद में अलग-अलग राज्यों में इस्तेमाल के लिए भेजे जाते थे। प्रति अकाउंट 5,000 से 10,000 रुपये में इन्हें किराए पर दिया या बेचा जाता था। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी समेत कई साइबर अपराधों में हुआ।

I4C, MHA के SAMANAVAYA पोर्टल के जरिए मिली जानकारी के अनुसार, ये बैंक खाते देशभर में करीब 200 साइबर फ्रॉड शिकायतों/मामलों से जुड़े पाए गए हैं।

खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक श्राबनी नायक की देखरेख में संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें रघुनाथ पल्ली, प्लांट साइट, ब्राह्मणी तरंग और सेक्टर-7 थानों की टीमें शामिल रहीं। कार्रवाई में सात आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में सिटी यूनियन बैंक से जुड़ा/कर्मचारी भी शामिल बताया जा रहा है, जिसने खातों को एक्टिवेट कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।

पुलिस का कहना है कि जाली दस्तावेजों और बिना समुचित जांच के खोले गए खातों की संख्या को देखते हुए अन्य बैंकों के कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

इस मामले में राउरकेला CC & EO थाना केस नंबर-03, दिनांक 12/01/2026 के तहत BNS की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 111(2)(b) एवं आईटी एक्ट की धारा 66-D के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

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