बाबा साहब की प्रतिमा पर कालिख पोतने वालों के विरुद्ध समाज का तीव्र आक्रोश

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प्रतिमा पर नहीं, विचारों पर हमला किया गया है – पर विचारों को मिटाया नहीं जा सकता” – राकेश नारायण बंजारे

रायगढ़ | चक्रधर नगर स्थित जिला न्यायालय परिसर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के मुख पर कीचड़ पोत देने की शर्मनाक घटना सामने आई है। यह निंदनीय कृत्य न केवल बाबा साहब का अपमान है बल्कि संविधान, न्याय और समानता जैसे मूल्यों पर सीधा हमला है।

सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों व आम नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। उनकी स्पष्ट मांग है कि प्रशासन इस कृत्य को हल्के में न ले, क्योंकि यह सिर्फ मूर्ति नहीं, भारत के लोकतंत्र की आत्मा पर कालिख है।

इस अवसर पर लेखक व सामाजिक चिंतक राकेश नारायण बंजारे ने कहा— “ब्रिटिश संसद में चर्चिल ने उन्हें ‘द मोस्ट डेंजरस मेन ऑफ इंडिया’ कहा था क्योंकि वे साम्राज्यवाद तक को उखाड़ने की क्षमता रखते थे। कोलंबिया विश्वविद्यालय ने उन्हें विश्व के 100 प्रभावशाली छात्रों में स्थान दिया और उनकी प्रतिमा स्थापित की। ऐसे महामानव की प्रतिमा पर कीचड़ फेंकने वाले क्या उखाड़ पाएँगे? वे प्रतिमा से बहुत आगे हैं — विचारों में हैं, दिलों में हैं, संविधान के हर अनुच्छेद में हैं।

तुम्हारे जैसे असामाजिक तत्व उखड़ जाएँगे, बाबा साहब नहीं।
ये कृत्य कायरता है और समाज इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। हमारी माँग है कि सीसीटीवी फुटेज की तत्काल जाँच कर दोषियों की पहचान की जाए। अज्ञात असामाजिक तत्वों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।”

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