पैरामिलिट्री जवानों के हक की लड़ाई तेज, 6 अप्रैल को जंतर-मंतर पर होगा बड़ा प्रदर्शन

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अर्धसैनिक बलों की वीरांगनाएं संभालेंगी मोर्चा, सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार

रेवाड़ी के नाहड़ कोसली में अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें 6 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस बार अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों की विधवाएं और वीरांगनाएं इस आंदोलन की कमान संभालेंगी।

रणनीति और प्रमुख मुद्दे:
🔹 अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग।
🔹 सैनिकों के परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं।
🔹 पैरामिलिट्री कर्मियों के लिए वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू करने की अपील।
🔹 नक्सली और आतंकवादी हमलों में शहीद जवानों के परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा।

शहीदों को श्रद्धांजलि, सरकार तक पहुंचेगी आवाज
प्रदर्शन में पुलवामा, छत्तीसगढ़ नक्सली हमलों सहित विभिन्न आतंकी घटनाओं में शहीद जवानों की विधवाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। साथ ही, 6 अप्रैल को ताड़मेटला (छत्तीसगढ़) में शहीद हुए 76 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि अगर हर पैरामिलिट्री परिवार से एक सदस्य भी जंतर-मंतर पर शामिल होता है, तो यह सरकार पर दबाव बनाएगा। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री को प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के लिए आगे आना चाहिए।

पैरामिलिट्री के जवानों के हक की लड़ाई
महासचिव ने बताया कि यह देश की एकमात्र एसोसिएशन है, जो पिछले 9 वर्षों से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को अर्धसैनिक बलों की समस्याओं से अवगत करा रही है। उन्होंने सभी पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों और उनके परिवारों से 6 अप्रैल को जंतर-मंतर पर अधिकतम संख्या में पहुंचने की अपील की।

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