पतगंवा के पुरनिहा तालाब जाने के मार्ग पर बेजो कब्जा होने से श्रावण मास में नहीं हो पा रही है भोलेनाथ का अभिषेक एवं पूजा अर्चना

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तहसील पेंड्रा अंतर्गत ग्राम पतगंवा में तनाव का माहौल बड़ी वारदात की आशंका

पेंड्रा तहसील के ग्राम पंचायत भवन पतगंवा के पास स्थित प्राचीन बड़े पूरनिहा तालाब एवं छोटे पूरनिहा तालाब जाने वाले परंपरागत मार्ग को बेजा कब्जा करते हुए जेसीबी से नाला खोद कर एवं जालीदार लगाकर अवरुद्ध कर दिया गया है जिससे तालाब की मेड पर स्थित शिव मंदिर एवं हनुमान मंदिर जाने का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।

इन दोनों प्राचीन तालाबों पर गांव का परंपरागत भोजली विसर्जन एवं जवारा विसर्जन कार्य तो संपन्न होता ही है साथ ही गांव के लोग मरनी हरनी होने पर दशगात्र का कार्य संपन्न करते हैं।  पुरनिहा जाने वाले जि मार्ग पर कब्जा किया गया है वह गांव का गौठान है तथा वहां पर दशहरा पर रावण जलाया जाता है और हर साल मेला आयोजित होता है जिस पर बेज कब्जा धारी अपना पुराना कब्ज बताता है तथा बलपूर्वक कब्जा कर लिया है जिससे ग्रामीणों की भावनाएं आहत है।

श्रावण मास में नहीं हो पा रही है भोलेनाथ का अभिषेक एवं पूजा अर्चना

पुरनिहा तालाब जाने के सार्वजनिक मार्ग पर जेसीबी से नाला खोदकर जाली लगाकर कब्जा हो जाने के बाद तालाब के पार में स्थित भोलेनाथ के मंदिर में पूजा अर्चना बाधित हो गई है तथा वहां अभिषेक पूजन श्रावण महीने में भी नहीं हो पा रहा है जिससे भावनाएं आहत है तथा गांव में तनाव की स्थिति है कभी भी वहां बड़ी घटना हो सकती है खास बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम तहसीलदार पेंड्रा के जानकारी में होने के बावजूद भी कब्जा हटाने की कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

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