निरुद्ध बंदियों के आयु सत्यापन के लिए समिति ने किया उपजेल का निरीक्षण

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बलौदाबाजार । जेल में निरुद्ध बंदियों के आयु सत्यापन हेतु विशेषज्ञ समिति द्वारा उपजेल बलौदाबाजार का निरीक्षण किया गया। विशेषज्ञ समिति के सदस्यों द्वारा जेल परिसर में निर्धारित बैरक में जाकर जेल में निरूद्ध 18 से 21 वर्ष के बंदियों से उनकी आयु, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी ली।

सभी बंदियों के द्वारा उनकी आयु 18 वर्ष से अधिक होने की जानकारी प्रदान की गयी। 18 वर्ष से कम उम्र के संदेहप्रद 3 किशोरों के नाम मुख्य प्रहरी उपजेल बलौदाबाजार को दी गयी है, ताकि उनके द्वारा आयु सत्यापन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सके। आयु सत्यापन उपरांत 18 वर्ष से कम आयु निर्धारण पर बालकों को बाल संप्रेक्षण गृह में स्थानांतरित करने तथा प्रकरण को किशोर न्याय बोर्ड में स्थानांतरित करने की कार्यवाही संपादित की जा सके।

जिला कार्यक्रम अधिकारी टिक्वेंद्र जाटवर द्वारा निर्देश दिया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का चिन्हांकन संदेह होने की स्थिति में त्वरित सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई को दिये जाने हेतु कहा गया ताकि प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में स्थानांतरित किया जा सकें। प्रभारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी ,विधिक सह परीवीक्षा अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा निरुद्ध बंदियों के दैनिक दिनचर्या, भोजन ,स्वास्थ्य,शिक्षा एवं कौशल विकास  के संबंध में जानकारी ली गई। विधिक सेवा प्राधिकरण सदस्य संजय सोनी के द्वारा निरुद्ध बंदियों के मामले के बारे में जानकारी लेते हुये विधिक सहायता एवं उनके अधिकारों के संबंध में चर्चा किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी टिक्वेंद्र जाटवर, जेल विभाग से पुष्पेन्द्र पाण्डेय, तिलेश्वर मरावी, सदस्य विधिक सेवा प्राधिकरण संजय सोनी, प्रभारी बाल संरक्षण अधिकारी दीपक राय, विधिक सह परीवीक्षा अधिकारी मेघा शर्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता टुकेश्वर जगत उपस्थित थे।

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