ओड़िया भाषा और संस्कृति के प्रचार प्रसार में सामूहिक प्रयास की जरूरत – डॉ. मनद्रिं

3 Min Read

गोपाबंधु उच्च वद्यिालय मनाया गया उत्कल दिवस , ओडिशा के आठ सदस्यों की टीम ने रखा वच्छिनिांचलों में ओड़िया भाषा और संस्कृति के प्रचार प्रसार पर अपने अपने विचार

चक्रधरपुर। उत्कलमणि गोपाबंधु दास उच्च वद्यिालय चक्रधरपुर में उत्कल दिवस मनाया गया। स्कूल संचालन समिति, ओड़िशा भाषा विकास परिषद और उत्कल सम्मेलनी के संयुक्त तत्वाधान में मनाए गए इस समारोह में ओडिशा भद्रक जिले से प्रोफेसर डॉ मनद्रिं कुमार महंती के नेतृत्व में एक आठ सदस्यीय दल शामिल होकर उत्कल दिवस और ओड़िया भाषा और संस्कृति के प्रचार प्रसार पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर ओड़िया शिक्षा कार्यशाला में ओड़िया भाषा को सरल भाषा में पढ़ाई लिखाई करने की प्रणाली बताई। उत्कल दिवस के महत्व, ओडिशा भाषा और संस्कृति के महत्व, मातृभाषा, ओडिशा के पर्व त्योहारों आदि पर वस्तिृत रूप से प्रकाश डाला। डॉ मनद्रिं कुमार मोहंती ने कहा कि ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले ओडिशा के बाहर रह रहे ओडिशा भाषा भाषी लोगों में ओड़िया भाषा और संस्कृति बचाए रखने के लिए उनके द्वारा प्रयास जारी है।

उन्होंने कहा कि वे कॉलेज में प्रोेसरर से सेवानिवृति के बाद प्रत्येक वर्ष उत्कल दिवस के पूर्व एक सप्ताह ओडिशा के वच्छिनिांचलों में ओडिशा भाषा और संस्कृति का प्रचार प्रसार कर रहे है। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में अन्यों में से धर्मेंद्र बेहरा, गौतम महाराणा, बलराम रणसिंह,रंजन कुमार नायक,संजय कुमार दास, सुशील कुमार नायक और विजय कुमार बहाली शामिल हुआ।

चक्रधरपुर उत्कल मणि गोपाबंधु उच्च वद्यिालय के अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान, उपाध्यक्ष केदार नाथ प्रधान, सचिव प्रणव कुमार मश्रि, प्रदीप्त कुमार दास, अंबिका तरण दीक्षित, चिरंजीवि प्रधान, रमेश प्रधान, सुभद्रा मिस्त्री, अंजली नायक पूर्णेन्दु नंद, प्रधान शक्षिक सुशांत कुमार महंती, चंदन शर्मा, प्रद्युमन कुंभकार, रीना बाला साहू, सुभाश्री साहू, रीता रवानी,मिहिर प्रधान, सरोज कुमार प्रधान सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

इस अवसर पर पूर्व में आयोजित किए गए ओड़िया भाषा ज्ञान प्रतियोगिता में ओड़िया प्राथमिक विद्यालय कोलचकड़ा की शिक्षिका वृंदावती प्रधान को प्रथम,पदमपुर की शिक्षिका रीना गिरि को द्वितीय और भालूपानी के शिक्षक कृष्ण चंद्र प्रधान को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के पूर्व अतिथियों ने उत्कल मणि गोपाबंधु दास और उत्कल गौरव मधुसूदन दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।साथ वंदे उत्कल जननी गान प्रस्तूत किया। इस अवसर पर पश्चिम चक्रधरपुर अंचल के ओड़िया स्कूल के बड़ी संख्या में शिक्षक व शिक्षिकाएं समाजसेवी व ओड़िया भाषा प्रेमी शामिल थे।

TAGGED: ,
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *