एसीबी की बड़ी कार्रवाई : दो जिलों में लोकसेवक रिश्वत लेते गिरफ्तार

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अम्बिकापुर । एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के दो अलग-अलग जिलों में छापामार कार्रवाई करते हुए दो लोकसेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बलरामपुर-रामानुजगंज और सूरजपुर ज़िले में यह कार्रवाई एक ही दिन की गई, जिसने सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार की हकीकत को उजागर कर दिया।

बलरामपुर-रामानुजगंज : पटवारी 13 हज़ार रुपये लेते पकड़ा गया

बलरामपुर-रामानुजगंज ज़िले के रघुनाथनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंडरी के पटवारी मोहन राम को एसीबी की टीम ने 13 हज़ार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता प्रियांशु दुबे ने एसीबी अम्बिकापुर में आवेदन दिया था कि उनके पिता विजय कुमार दुबे और बड़े पिताजी पारसनाथ दुबे की पैतृक ज़मीन के खसरा-नक्शा बंटवारे एवं ऋण पुस्तिका के लिए पटवारी ने रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत की पुष्टि के बाद सोमवार को एसीबी ने ट्रैप आयोजित कर आरोपी पटवारी को पकड़ लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

सूरजपुर : अनुरेखक 6,500 रुपये लेते धराया

इसी तरह सूरजपुर ज़िले के भू-राजस्व कार्यालय में पदस्थ अनुरेखक (भू-अभिलेख) प्रमोद नारायण यादव को एसीबी ने रिश्वत लेते पकड़ा।
शिकायतकर्ता सौरभ सिंह आदिल ने बताया था कि उनके पिता की पैतृक भूमि का पारिवारिक बंटवारा कराने के लिए पुराने चौहद्दी नक्शा की आवश्यकता थी। इसके एवज में आरोपी अनुरेखक ने 10 हज़ार रुपये की मांग की। बाद में मोलभाव कर 8 हज़ार रुपये पर सौदा तय हुआ और 1,400 रुपये एडवांस के रूप में आरोपी ने पहले ही ले लिया था।

सोमवार को एसीबी द्वारा बिछाए गए जाल में आरोपी अनुरेखक 6,500 रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2016) के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है।

लगातार सख्ती

एसीबी की इस दोहरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए एजेंसी लगातार सख़्त कदम उठा रही है।

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