दंतेवाड़ा पुलिस ने घायल नक्सली को दबोचा, विस्फोटक सामग्री भी बरामद
दंतेवाड़ा पुलिस ने आईईडी ब्लास्ट कर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश रचने वाले नक्सली को गिरफ्तार किया है। यह नक्सली खुद ही विस्फोट की चपेट में आकर घायल हो गया था, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में इलाज के दौरान दबोच लिया गया।
ऑपरेशन के दौरान आईईडी ब्लास्ट, एक जवान घायल
दिनांक 3 फरवरी 2025 को बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के सीमावर्ती जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम सर्चिंग ऑपरेशन के लिए रवाना हुई थी। ऑपरेशन के दौरान 4 फरवरी 2025 को सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस पार्टी जब ग्राम पुरंगेल के जंगलों से गुजर रही थी, तभी नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर हमला कर दिया। इस विस्फोट में सीआरपीएफ 231 यंग प्लाटून का एक जवान घायल हो गया।
ब्लास्ट के बाद नक्सलियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए गोलीबारी का करारा जवाब दिया। फायरिंग थमने के बाद जब पुलिस पार्टी आगे बढ़ी, तो एक जवान स्पाइक होल में गिर गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई।
घायल नक्सली की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामदगी
इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सूचना मिली कि एक घायल नक्सली कोसा सोड़ी, पिता मंगल सोड़ी (उम्र 30 वर्ष), निवासी डोडी तुमनार, थाना गंगालूर, उपचार के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा पहुंचा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह 4 फरवरी को हुए ब्लास्ट में शामिल था और आगे भी आईईडी प्लांट करने की फिराक में था, लेकिन गलती से उसका ही विस्फोटक फट गया, जिससे वह घायल हो गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर विस्फोट स्थल से एक और छिपाकर रखी गई आईईडी और बिजली वायर बरामद की। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ विधिवत कार्रवाई कर उसे 21 फरवरी 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई में एसडीओपी किरंदुल कपिल चंद्रा, थाना प्रभारी किरंदुल प्रहलाद साहू, सहायक उपनिरीक्षक प्रेमलाल पोड़ियाम, प्रधान आरक्षक हरिराम सिन्हा और आरक्षक अजय तेलाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा इस अभियान को सफल बनाते हुए नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया।
