अवैध परिवहन पर रायगढ़ माइनिंग की कार्रवाई, सुभाषचंद्र पटेल एवं मुरली साव के गाड़ी जप्त

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खनिज जांच चौकी टिमरलगा से बिना टीपी के रोज कई दर्जन गाड़ी पार

अजब गजब खबर सामने आई है कि सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में हो रहे अवैध परिवहन जैसे ही रायगढ़ जिला में दौड़ा रायगढ़ माइनिंग ने कार्यवाही की।  जी हां हम बात कर रहे हैं, केलो प्रवाह में प्रकाशित खबर ने सारंगढ़ जिले के खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खबर के मुताबिक गुडेली–टिमरलगा क्षेत्र से बिना टीपी रेत व गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था, लेकिन कार्रवाई सारंगढ़ में नहीं, रायगढ़ जिले में हुई। यह तथ्य अपने आप में चौंकाने वाला है।
अगर अवैध खनन और परिवहन सारंगढ़ जिले की सीमा में हो रहा था, तो फिर जिला खनिज अधिकारी बजरंग सिंह पैकरा के अधीन विभाग ने मौके पर कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या सारंगढ़ का खनिज अमला ‘Mining Zero’ दिखाने में व्यस्त है, जबकि ज़मीन पर अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है?

खबर बताती है कि दो हाइवा और एक ट्रैक्टर रेत के साथ पकड़े गए, जिनके पास रॉयल्टी पर्ची या टीपी नहीं थी। हैरानी की बात यह है कि वाहन सारंगढ़ की सीमा पार कर रायगढ़ तक पहुंच गया, तब जाकर कार्रवाई हुई। यह या तो घोर लापरवाही है या फिर सिस्टमेटिक मिलीभगत—दोनों ही स्थितियों में जिम्मेदारी सीधे सारंगढ़ के खनिज विभाग पर जाती है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि गुडेली–टिमरलगा क्षेत्र में केलो और मांड नदी से अवैध रेत उत्खनन लंबे समय से जारी है। इसके बावजूद यदि जिला स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती और पड़ोसी जिले में जाकर वाहन पकड़े जाते हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि नाके, निरीक्षण और दैनिक रिपोर्ट आखिर किस कागज पर बन रही हैं?

सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि:-

क्या जिला खनि अधिकारी बजरंग सिंह पैकरा को मैदानी हकीकत की जानकारी नहीं? या जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई से परहेज किया जा रहा है? क्या यही वजह है कि रायगढ़ में माइनिंग एक्टिव दिखती है और सारंगढ़ में ‘जीरो’? यह मामला केवल एक-दो वाहनों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी राजस्व की चोरी और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और उच्च स्तर पर बैठे अधिकारी सारंगढ़ के खनिज विभाग से जवाब तलब करते हैं या नहीं—या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा।

वही रायगढ़ माइनिंग की कार्यवाही को बता दें कि 18 फरवरी को खनिज विभाग ने पुसौर क्षेत्र में जांच की तो वाहन क्रमांक (1) सीजी 13 एवी 1585 हाईवा मालिक सुभाषचंद्र पटेल, (2) वाहन क्रमांक सीजी 13 बीई 7400 हाईवा मालिक मुरली साव निवासी कांदागढ़ और एक ट्रेक्टर सीजी 13 एपी 3984 को बिना रॉयल्टी के जब्त कर तीनों वाहनों को पुसौर थाने में सुपुर्द किया गया है

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