सूरजपुर पंचायत चुनाव: मतगणना में अनियमितता के आरोप, पुनर्गणना की मांग तेज

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सूरजपुर | त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद भी जिले में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 04 में मतगणना को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया है।

मतगणना में गड़बड़ी का आरोप, दो मतों से हार का दावा

बीजेपी समर्थित प्रत्याशी चौशिल्या सिंह के समर्थकों और मतदाताओं का कहना है कि मतगणना पत्रक का निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सही तरीके से मिलान नहीं किया गया। आरोप है कि महज दो मतों के अंतर से निर्दलीय प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। जबकि, पुनर्गणना की मांग करने के बावजूद जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बीजेपी नेताओं का आरोप – जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया पक्षपात

बीजेपी नेता नुतन विश्वास ने जिला निर्वाचन अधिकारी पर नियमों की अनदेखी और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतगणना पत्रक के मिलान का अवसर दिए बिना जल्दबाजी में प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

भाजपा मंडल अध्यक्ष लटोरी ठाकुर पैकरा ने भी जिला निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र क्रमांक 08 के प्रत्याशी को मतगणना पत्रक के मिलान के लिए पर्याप्त समय दिया गया, जबकि क्षेत्र क्रमांक 04 की बीजेपी समर्थित प्रत्याशी को यह अवसर नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी हुई, जहां क्षेत्र क्रमांक 1, 2, और 3 के परिणाम घोषित करने के बाद क्षेत्र क्रमांक 4 को छोड़कर सीधे क्षेत्र क्रमांक 7 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया, जिससे संदेह और बढ़ गया।

पुनर्गणना की मांग पर बढ़ा आक्रोश

प्रत्याशी के पति हरीलाल सिंह ने कहा कि क्षेत्र की जनता इस फैसले से नाराज है और पुनर्गणना की मांग कर रही है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से अपील की कि दोबारा मतगणना कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है, तो गलत तरीके से जारी प्रमाण पत्र को रद्द किया जाए।

फिलहाल, जिला निर्वाचन अधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।

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